तोप (पद्य)

Revision Notes for Chapter 7 तोप Class 10 Sparsh

CBSE NCERT Revision Notes

1

कम्पनी बाग़ के मुहाने पर
धर रखी गई है यह 1857 की तोप
इसकी होती है बड़ी सम्हाल
विरासत में मिले
कम्पनी बाग की तरह
साल में चमकायी जाती है दो बार

Answer

प्रस्तुत कविता में कवि वीरेन डंगवाल ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के युद्ध में अंग्रेज़ों द्वारा इस्तेमाल की हुई तोप का वर्णन किया है। कवि कहते हैं कि यह तोप आज कम्पनी बाग़ के प्रवेश द्वार रखी हुई है। जिस तरह कम्पनी बाग़ हमें अंग्रेज़ों द्वारा विरासत में मिली थी उसी तरह यह तोप भी हमें अंग्रेज़ो से ही प्राप्त हुआ जिसे आजकल बहुत देखभाल से रखा जाता है। कम्पनी बाग़ की तरह इसे भी साल में दो बार चमकाया जाता है।

शब्दार्थ:
• मुहाने पर - प्रवेश द्वार पर
• सम्हाल - देखभाल
• विरासत - पूर्वजों से प्राप्त संपत्ति या वस्तुएँ
• कंपनी बाग - गुलाम भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा जगह-जगह पर बनवाए गए बाग-बगीचों में से कानपुर में बनवाया गया एक बाग

2

सुबह-शाम कम्पनी बाग में आते हैं बहुत से सैलानी
उन्हें बताती है यह तोप
कि मैं बड़ी जबर
उड़ा दिये थे मैंने
अच्छे-अच्छे सूरमाओं के छज्जे
अपने ज़माने में

Answer

सुबह-शाम को बहुत सारे यात्री कम्पनी बाग़ में घूमने आते हैं तब यह तोप अपने बारे में बताती है की मैं बड़ी ताकतवर थी। उस समय मैंने बहुत सारे वीरों के मारा था। बहुत अत्याचार किये थे।

शब्दार्थ:
• जबर - शक्तिशाली
• सूरमाओं - वीरों
• ज़माने - समय

3

अब तो बहरहाल
छोटे लड़कों की घुड़सवारी से अगर यह फारिग हो
तो उसके ऊपर बैठकर
चिड़ियाँ ही अकसर करती हैं गपशप
कभी-कभी शैतानी में वे इसके भीतर भी घुस जाती हैं
ख़ासकर गौरैयें
वे बताती हैं कि दरअसल कितनी भी बड़ी हो तोप
एक दिन तो होना ही है उनका मुँह बन्द !

Answer

परन्तु अब तोप की स्थिति बहुत बुरी है छोटे बच्चे इसपर बैठकर घुड़सवारी का खेल खेलते हैं। जब तोप बच्चों से मुक्त हो जाती है तब चिड़ियाँ इसपर बैठकर आपस में गप्प करती हैं। कभी-कभी चिड़ियाँ ख़ास तौर पर गौरेये तोप के भीतर घुस जाती हैं। इस दृश्य से कवि को ऐसा महसूस होता है मानो वह कह रही हों कोई कितना भी अत्याचारी और क्रूर हो उसका अंत एक न एक दिन जरूर होना है।

शब्दार्थ:
• फारिग - मुक्त
• अकसर - हमेशा
• धज्जे - नष्ट-भ्रष्ट करना