Revision Notes for Chapter 9 आदमी नामा Class 9 Sparsh
CBSE NCERT Revision Notes1
पाठ परिचय
Answer
'आदमीनामा' कविता में मानव के विविध रूपों पर प्रकाश डाला गया है। कवि के अनुसार मानव में अनेक संभावनाएँ छिपी हुई हैं। उसकी परिस्थियाँ और भाग्य भी भिन्न हैं जिसके कारण उसे भिन्न-भिन्न रूपों में जीवन जीना पड़ता है।
2
दुनिया में बादशाह है सो है वह भी आदमी
और मुफ़लिस-ओ-गदा है सो है वो भी आदमी
ज़रदार बेनवा है सो है वो भी आदमी
निअमत जो खा रहा है सो है वो भी आदमी
टुकड़े चबा रहा है सो है वो भी आदमी
और मुफ़लिस-ओ-गदा है सो है वो भी आदमी
ज़रदार बेनवा है सो है वो भी आदमी
निअमत जो खा रहा है सो है वो भी आदमी
टुकड़े चबा रहा है सो है वो भी आदमी
Answer
इन पंक्तियों में में नजीर ने कहा है कि इस दुनिया में सभी आदमी हैं। बादशाह भी आदमी है तथा गरीब भी आदमी ही है। मालदार भी आदमी ही है और कमजोर भी आदमी है। जिसे खाने की कमी नही है वो भी आदमी है और जिसे मुश्किल से रोटी मिलती है वो भी आदमी ही है।
शब्दार्थ:
• बादशाह - राजा
• मुफ़लिस - गरीब
• ओ - और
• गदा - भिखारी
• ज़रदार - अमीर
• बेनवा - कमजोर
• निअमत - स्वादिष्ट भोजन
शब्दार्थ:
• बादशाह - राजा
• मुफ़लिस - गरीब
• ओ - और
• गदा - भिखारी
• ज़रदार - अमीर
• बेनवा - कमजोर
• निअमत - स्वादिष्ट भोजन
3
मसजिद भी आदमी ने बनाई है यां मियाँ
बनते हैं आदमी ही इमाम और खुतबाख्वाँ
पढ़ते हैं आदमी ही कुरआन और नमाज यां
बनते हैं आदमी ही इमाम और खुतबाख्वाँ
पढ़ते हैं आदमी ही कुरआन और नमाज यां
और आदमी ही उनकी चुराते हैं जूतियाँ
जो उनको ताड़ता है सो है वो भी आदमी।
जो उनको ताड़ता है सो है वो भी आदमी।
Answer
इस भाग में नजीर ने आदमी के विभिन्न कामों के बारे में बतलाया है। मस्जिद का भी निर्माण आदमी ने किया है और उसके अंदर उपदेश देने का काम भी आदमी ही करते हैं साथ ही वहां जाकर कुरान-नमाज़ भी आदमी ही अदा करते हैं। मस्जिद के बाहर जूतियाँ चुराने का काम आदमी ही करता है तथा उनको भगाने के लिए भी आदमी ही रहता है।शब्दार्थ:
• यां - यहाँ
• मियाँ - श्रीमान
• इमाम – नमाज़ पढ़ाने वाले धर्मगुरु
• खुतबाख्वां - कुरान शरीफ़ का अर्थ बताने वाला
• ताड़ता – डाँटना
4
यां आदमी पै जान को वारे है आदमी
और आदमी पै तेग को मारे है आदमी
पगड़ी भी आदमी की उतारे है आदमी
चिल्ला के आदमी को पुकारे है आदमी
और सुनके दौड़ता है सो है वो भी आदमी
पगड़ी भी आदमी की उतारे है आदमी
चिल्ला के आदमी को पुकारे है आदमी
और सुनके दौड़ता है सो है वो भी आदमी
Answer
इस भाग में नजीर ने बताया है की एक आदमी दूसरे की जान लेने में लगा रहता है तो दूसरा आदमी किसी की जान बचाने में लगा रहता है। कोई आदमी किसी की इज्जत उतारता है तो मदद की पुकार सुनकर भी उसे बचाने कोई आदमी ही आता है।
शब्दार्थ:
• जान को वारे - प्राण न्योछावर करना
• तेग - तलवार
• पगड़ी उतारना - अपमान करना
शब्दार्थ:
• जान को वारे - प्राण न्योछावर करना
• तेग - तलवार
• पगड़ी उतारना - अपमान करना
5
अशराफ़ और कमीने से ले शाह ता वज़ीर
ये आदमी ही करते हैं सब कारे दिलपज़ीर
यां आदमी मुरीद है और आदमी ही पीर
अच्छा भी आदमी ही कहाता है ए नज़ीर
और सबमें जो बुरा है सो है वो भी आदमी
ये आदमी ही करते हैं सब कारे दिलपज़ीर
यां आदमी मुरीद है और आदमी ही पीर
अच्छा भी आदमी ही कहाता है ए नज़ीर
और सबमें जो बुरा है सो है वो भी आदमी
Answer
इन पंक्तियों द्वारा स्पष्ट किया है की इस दुनिया सब कुछ आदमी ही करते हैं। आदमी ही आदमी का मुरीद है तथा आदमी ही आदमी का दुश्मन। बुरे और अच्छे दोनों आदमी ही कहलाते हैं।
शब्दार्थ:
• अशराफ़ - सज्जन, शरीफ़
• कमीना - नीच
• शाह - राजा
• वजीर - मंत्री
• ता - तक
• कारे - काम
• दिलपज़ीर - दिल को अच्छा लगने वाला
• पीर - गुरु
शब्दार्थ:
• अशराफ़ - सज्जन, शरीफ़
• कमीना - नीच
• शाह - राजा
• वजीर - मंत्री
• ता - तक
• कारे - काम
• दिलपज़ीर - दिल को अच्छा लगने वाला
• पीर - गुरु